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Thursday, March 25, 2010

विंडो सीट Window Seat

ये कल की घटना है ........... कल तो कभी नहीं आता पर ये सी बात शुरू करने का एक जरिया है बस मैं जाते वक्त एक घटना हुई । घटना क्या मेरे ख्याल से ऐसा रोज होता था पर मैंने उस दिन देखा । हुआ कुछ यूं की एक भद्र पुरुष महिला सीट पर बैठे थे स्टैंड आने पर एक महिला बस मैं आई तो उन्होंने उन्हें उठने को कहा क्योंकि वो सीट महिलाओं के लिए अरक्षित थी । महिला की उम्र कोई ३५ के आस पास होगी। जैसे ही वो पुरुष उठे उसके बगल वाली सीट पर बैठी महिला ने उस विंडो सीट पर अपना कब्ज़ा जमा लिया । उस महिला का उस पर बैठना मानो पाप हो गया । अब वो भद्र सी दिखने वाली महिला भद्रा मनो साक्षात् काली बन गयी हो शत्रु का नाश करना चाहती हो । अब तो पूरे बस मैं अजीब सा रोमांच आ गया था । क्योंकि दोनों महिलाओ की उम्र लगभग एक सी थी और मनोदसा भी शायद । दूसरी वाली ने कहा की वो विंडो सीट पर ही बैठेगी क्योंकि वो उसके वजह से खाली हुई थी तो उस पर बैठने का अधिकार उसका ज्यादा है नाकि जो उसके बगल मैं बैठी थी । अगर उसे बैठना ही था तो उसने पहले वो सीट खाली क्यों नहीं कराई और जब मैंने ये सीट खाली करायी है तो अब वो ही बैठेगी। पर इतने विवाद के बाद भी वो विंडो सीट वाली महिला ने अपना आसन नहीं छोडा।
उसको लग रहा था की ये सीट जीत कर मानो उसने कोई किला फतह कर लिया है । और सबसे मुद्दे की बात ये थी की दूसरी महिला उस सीट के अलावा किसी और सीट पर बैठने को बिलकुल तैयार नहीं थी । इन दोनों के भारी घमासान का असर बाकी लोगों पर भी पड़ा । कुछ लोंगो ने अपनी सीट उन महिलाओं को देने का ऐलान तक कर डाला। पर उन दोनों मैं से किसी पर एस बात का असर नहीं हुआ। अलबत्ता बस के बाकि लोंगो के बीच चर्चा का विषय जरूर बन गया। उस दिन लगभग १ घंटे के सफर मैं जितना नए नए तजुर्बे के ज्ञान के चक्षु खुले शायद ही खुले होंगे। उस दिन मेरे समझ में आया की कुर्सी का मोह क्या होता है और वो भी अगर बस मैं विंडो सीट हो तो । अरे एक बात ओ रह गयी इतने मैं एक स्टैंड आया और एक खूबसूरत महिला का नाटक मैं पदार्पण हुआ । वो बस के अन्दर के माहौल से अनजान थी और एक महिला सीट खाली देखकर उससे ज्यादा हैरान थी। खैर उसने उस सीट पर कब्ज़ा जमाया और दो लोगों की जंग मैं सीट को पाया । मेरा स्टैंड भी आ चूका था और मैं भी उतर गया । पर ये जंग उस दिन मेरे दिलो दिमाग से अब तक नहीं उतरी है ।

1 comment:

  1. very good my dear friend!!!
    EK din tu bahut bada aadmi banega, dekhna tum. Bimal

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